Feeling Helpless In Life – बेबस मन – Tears of Love Poem

Feeling Helpless In Life

Feeling Helpless

आज इंतजार इतनी लंबी क्यों थी?
क्यों नजरे व्याकुल थी बेवस थी!
पता नहीं किस बात की उलझने थी!
खामोश थी धड़कने, उदासी छायी थी!
दिल के हर कोने से तेरी आवाज आयी थी!
नमी आँखों में बदन में सिहरन छायी थी!
क्या कहूं ठंढ में भी बरसात आयी थी!
तेरा हँसना फिर रूठ जाना तेरी अदावत है!
इसी अदावत की मुझे फिक्र आयी थी!
क्या कहूं पल -पल तुम्हारी याद आयी थी!!
हथेलियाँ नम थी, जिस्म सिथिल पडे.थे !
सर्द हवा के झोकें भी परेशान थे
क्योंकि ठंढ में भी बरसात आयी थी , बरसात आयी थी!!
रब ने रोक दिया वरना, तेरी खिदमत में पेश होता!
शायद रब को भी ये बरसात भायी थी!