Feelings Poem – मतवाला – Poem Feelings of Life

Feelings Poem – Poem Feelings of Life

Feelings Poem

जीवन पथ के हर एक मोड़ पर,
मिलती नित्य नव मधुशाला,
सजे हुए प्यालों की पंगत,
भरे हुए भिन्न-भिन्न रस के|

प्रेम, घृणा के प्याले हैं, तो,
साम, दाम, दण्ड, भेद के भी,
काम, क्रोध, धन, मान के  प्याले,
हरि, ईश, अल्ला के भी,

हर पथिक की प्यास अलग है,
चाह ! अलग रस का प्याला,
जिसको भाता जो, छक लेता,
बन जाता फिर मतवाला|

मैं कवि, कवित्व का प्याला,
लिए खड़ा मधुशाला में,
पाठकगण को गर यह भाए,
ढ़ार! बने फिर मतवाला!