Ghazal Poem – ग़म-ज़दा हो जाएंगे – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poem – Ghazal Poem in Hindi

Ghazal Poem

ग़म-ज़दा हो जाएंगे, हम बेवफ़ा हो जाएंगे,
पत्थरों की भीड़ में हम रास्ता हो जाएंगे ।।

जब भी दर्द उठे सीने में, हमको बुला लेना,
तेरे पराए हैं लेकिन तब भी हम दवा हो जाएंगे।।

सिलवट सी पड़ जाएगी जब तेरे मेरे किस्सों में,
कागज़ पर उतरेंगे ख़ुद हम किस्सा हो जाएंगे।।

तुम भी सजा लो जब दुनिया तो कह देना,
हम चुपके से रो लेंगे, हम अलविदा हो जाएंगे।।

एक नज़र से यूँ न देखे जाओ इस ज़ालिम को,
जितने आसाँ हैं उतने हम पेचीदा हो जाएंगे।।