Heartbreak Poems – जाओ जा कर कह दो – Ghazal Poem

Heartbreak Poems – Ghazal Poem

Heartbreak Poems

जाओ जा कर कह दो उन दरिन्दों से,
अब हवाएं भी डरने लगी हैं परिंदों से।।

ऐ रात अब तेरी हुकूमत नहीं रही,
सहर के आगे कुछ न होगा तेरे बाशिंदों से।।

तुम मेरे हालात को इतना हल्के में न लो,
कितना रोया हूँ रात पूछो मेरे रिन्दों से।।

ऐ हुस्न अब तेरा मुझसे कोई नाता नहीं,
अब तो दूर हो जा मेरी इश्क-ए-नुमाइंदो से।।

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