Helpless Poems – मैं इतना बेबस हूँ – Feeling Helpless in Life

Helpless Poems – Feeling Helpless in Life

Helpless Poems

मैं इतना बेबस हूँ कि
खुल के रो भी नहीं सकता,
बस तेरी मासूम सी मुस्कुराहट ने
मेरे ग़म को रोक रखा है
बाहर निकलने से।।

कितनी ही कहानियां हैं
कितने ही किस्से हैं
मेरे इस नाचीज़ बदन के
नजाने कितने हिस्से हैं,
तुझे मालूम नहीं शायद
मगर तेरी आँखों की चमक ने ही
मेरे बदन के हिस्सों को
बचाए रखा है जलने से,
बस तेरी मासूम सी मुस्कुराहट ने
मेरे ग़म को रोक रखा है
बाहर निकलने से।।

ज़िन्दगी बदतर हो गई है
घर से बेघर हो गई है
ख़ुद को ही संभाल न पाऊं
ये बुरी इस कदर हो गई है,
पर आज भी अगर मैं तेरे आगे खड़ा हूँ
तो वो बस इसलिए क्योंकि
तेरे कदमों ने आज तक
संभाल रखा है मुझे फिसलने से
बस तेरी मासूम सी मुस्कुराहट ने
मेरे ग़म को रोक रखा है
बाहर निकलने से ।।