Love Ghazal Poems – इतनी मुहब्बत से न देख – Ghazal Poem

Love Ghazal Poems – Ghazal Poem About Love

Love Ghazal Poems

इतनी मुहब्बत से न देख, मैं तेरा शिकार हो जाऊंगा,
तुझे जंग ही जीतनी है तो तेरा हथियार हो जाऊंगा।।

उसने मुझे दिल के किसी कोने में रख छोड़ा है,
कुछ और बरस यहीं रहा तो मैं बेकार हो जाऊंगा।।

अपने हुस्न के जलवे मेरी तरफ ना बिखेर ऐ साकी,
कहीं मेरा दिल मचल गया तो मैं मक्कार हो जाऊंगा।।

मेरा साया तो पहले ही बिछड़ चुका है मुझ से,
अब तू भी चली गई तो मैं लाचार हो जाऊंगा।।

माना कि मैं सुईं जैसा हूँ, रिश्ते सीला करता हूँ,
मगर बात मेरे बच्चों पर आई तो मैं तलवार हो जाऊंगा।।

मेरा ग़म से नाता जुड़ चुका है, दो बूंदे भी पैदा होंगीं,
देख तेरे ना होने पर भी मैं परिवार हो जाऊंगा।।