Love Ghazal Poems – हमें कुछ दर्द है सीने – Ghazal Poem Hindi

Love Ghazal Poems – Ghazal Poem Hindi

Love Ghazal Poems

हमें कुछ दर्द है सीने में, जलन सी हो रही है,
तुम्हें भी हार जाने से चुभन सी हो रही है।।

नजाने कब से मेरे ख़्वाब बिस्तर पर नहीं लेते,
तभी सोचूं इन्हें क्यों अब थकन सी हो रही है।।

मेरी आँखों का ये सिलसिला रुक ही नहीं रहा,
इस कदर बरस-बरस के ये गगन सी हो रही है।।

कि सज धज के खड़ी हैं मेरे चौखट में जाने क्यों,
तेरी यादें नजाने क्यों दुल्हन सी हो रही है।।

बड़ी सहज नज़र आती थी मेरी लिखावट तो,
मगर अब ये भी तेरे बदन सी हो रही है।।

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