Love Hindi Kavita – हम को शायद मुहब्बत – Love Poetry

Love Hindi Kavita – Love Poetry in Hindi

Love Hindi Kavita

हम को शायद मुहब्बत निभानी नहीं आई,
इसलिए रफ्तार-ए-इश्क़ में रवानी नहीं आई ।।

जब सरे महफ़िल ने कुछ सुनाने को कहा हमसे,
इस कमबख्त ज़ुबाँ पे अपनी ही कहानी नहीं आई ।।

वो तो वाकिफ़ थे हमसे, हमारे इश्क़ से इतना,
हम ने खुदकुशी की मगर उनमें हैरानी नहीं आई ।।

हमने भेजी थीं सदा, जाने पहुंची या नहीं उनको,
उनकी तरफ से बदले में कोई निशानी नहीं आई।।