Love Poem for Her – बेदर्द – सा है कुछ – Love Poem in Hindi

Love Poem for Her

Love Poem for Her

बेदर्द – सा है कुछ, थोड़ा – सा नादान है सनम मेरा,
सायद मेरी मोब्हबत से अनजान है सनम मेरा,
हमने तो हक़दार बना दिया है उसे अपनी जिन्द्की है,
पर यु लगता है इस दिल का मेहमान है सनम मेरा.

मुमकिन नहीं है उसके ख्वाबो के बिना मुझे नींद आना,
इश्क़ करने के हुनर मई थोड़ा बईमान है सनम मेरा.

कैसे भुला दू उसकी यादों को अपने दिल से,
इस बेजान से जिस्म की जान है सनम मेरा.

बिना कुछ कहे ही समझ लेता है इन आँखों को वो,
मेरे दिल के मंदिर का भगवान है सनम मेरा.

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