Memories Poem Love – वो आज भी मौजूद हैं – Memories Poem

Memories Poem Love – Memories Poem

Memories Poem Love

वो आज भी मौजूद हैं,
मेरे दिल के उन्हीं दरवाज़ों पर
जहां से सुबह की
पहली किरण आती थी।

वो आज भी शामिल हैं
हवाओं के उन हिस्सों में
जिन्हें मैं ज़िंदगी जीने के लिए
अपने अंतर में समा लेता हूँ।

वो आज भी यहीं तो हैं
यही, बिल्कुल पास में ही।

जैसे दिन में सितारे
मौज़ूद हो कर भी नहीं दिखते
वैसे ही वो भी नज़र नहीं आतीं
मगर वो मौज़ूद हैं।

वो मौज़ूद हैं मुझमें मेरी नज़्मों में
वो मौज़ूद हैं मेरे ख़्वाबों में
मैं जिन्हें अब हर पल निहारता रहता हूँ
वो मौज़ूद हैं अब उन किताबों में
हाँ वो मौज़ूद हैं।।