Passing Time Poem – समय एक उड़ता हुआ परिंदा है – Hindi Kavita

Passing Time Poem – Hindi Kavita

Passing Time Poem

समय एक उड़ता हुआ परिंदा है
जो ऊंचा उड़ता चला जाता है
और भी ऊँचा।।
पंछी का तो अपना
एक घर होता है
एक परिवार होता है
इसीलिए पंछी लौट आता है
अपने क्षितिज को छू कर
मगर समय का कोई नहीं होता शायद
न घर, न परिवार
तभी तो कभी लौट कर नहीं आता
एक बार किसी आँगन से निकला हुआ समय।।