Saat Phere Saat Vachan – शादी की सात रसमे, सात कसमे – Hindi Poem

Saat Phere Saat Vachan

Saat Phere Saat Vachan

इस नए रिश्ते की शुरुआत चलो करते हे कुछ ख़ास ,
मांगते हे कुछ कसमे कुछ रसमे ,
बीते दिनों के कुछ कहे अनकहे से नगमे ,,,,,
क्योकि पकड़ा हे इस जनम में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

मांगी हे पहली कसम यही हे अपनी पहली रसम ,
हर काम में रखोगे मुझे हमेशा साथ ,
ना छोड़ोगे कभी भी मेरा साथ,
पकड़ा हे में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

मांगी हे दूसरी कसम यही हे अपना दूसरा धरम ,
करोगे मेरे माता- पिता का आदर ,
नहीं करोगे कभी भी उनका निरादर ,
पकड़ा हे में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

चलो दे दो अब तीसरी कसम यही तो हे अपनी जरुरी रसम,
आपके हर काम में रखोगे में सहमति
तभी तो कहलाउंगी में “संदीप की श्रीमती ”
पकड़ा हे में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

मांगते हे अब चौथी कसम चलो जल्दी निभाओ अब ये रसम ,
वहन करना होगा उम्र भर मेरा भार ,
और देना होगा हर पल मुझे बस प्यार ही प्यार ,
पकड़ा हे में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

मांगते हे अब पांचवी कसम मेरे लिए ये बहुत कीमती हे रसम ,
मेरे सिवा किसी और औरत पर मत देना ध्यान ,
होगा मुझ पर आपका ये बड़ा ही एहसान ,
पकड़ा हे में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

अब तो आ गयी छठी कसम यही हे अपनी अगली रसम ,
आप अपने हर गलत काम का कर देना त्याग ,
यही से होगी अपने अच्छे रिश्ते की शुरुआत ,
पकड़ा हे में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

चाहते हे अब सातवीं कसम यही हे अपनी आखरी रसम ,
निभानी होगी आपको ये सारी कसम ,
इसलिए कम पड़ेगा अपना ये जनम ,
पकड़ा हे में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

तभी तो अग्नि से मांगे हे मेने अगले आठ जनम ,
तो ही पूरी हो पायेगी अपनी ये सारी कसम ,
तो क्या निभाओगे अब ये रसम ?????
पकड़ा हे में मेरा हाथ , तो क्या दोगे मेरा साथ !!!!!

इस नए रिश्ते की शुरुआत में “जूली ” ने माँगा हे आपसे कुछ खास ,
जो रहेगा हर दम हर पल उसके पास ,
पकड़ा हे इस जनम में “जूली” का हाथ ,
तो क्या निभाओगे अगले आठ जन्मो तक इस “जूली” का साथ ………