Sister Poem in Hindi – ओ बहन – Sad Poem About Life in Hindi

Sister Poem in Hindi – Sad Poem About Life in Hindi

Sister Poem

मैं माँ हूँ उस सैनिक की
जिसका सर काट कर
ले गया
पड़ौसी मुल्क़
का सैनिक ।
मगर मैं कोई सवाल
नहीं करना चाहती
सरकार से,
मैं नहीं चाहती
सहानुभूति
समाज से भी,
मैं कोई उम्मीद
नहीं रखती
समस्त पुरुष
जाति से

इतिहास गवाह है
नाज़ी बर्बरता हो
या हो साम्राज्यवाद
के विस्तार का विध्वंस
या फिर हो
कोई भी ख़ूनी खेल
भौतिक सत्ता लोलुपता का
इन सब में
पुरुष जाति ही तो
रही अग्रणी
आदि से अंत तक।
मेरी ममता
किसी सरहद में
विश्वास नहीं रखती
मैं तो एक माँ
के तौर पर
पूछना चाहती हूँ
उस सैनिक की माँ से!
“ओ बहन! कैसा लगा तुम्हें
अपने बेटे की बहादुरी का
किस्सा सुनकर!.