Tag: Festival Poetry

Poem on Holi in Hindi- इस बार होली में- Holi Poem

Poem on Holi in Hindi – Holi Poem Poem on Holi in Hindi आओ गले हंसकर मिलें इस बार होली में चारों तरफ उड़ता रहे बस प्यार होली में दिल में लगी हर बात को जलाकर आग में पिचकारियों से हो प्रेम की बौछार होली में वक़्त की कमी में कुछ वक़्त का भी फेर

Teaching of Buddha in Hindi – बुद्ध पूर्णिमा – Festival Poem in Hindi

Teaching of Buddha in Hindi – Festival Poem in Hindi Teaching of Buddha in Hindi धर्म को धारण करो धर्म को धार मत दो धर्म से रक्षा करो तुम उसे हथियार मत दो हिंसा को हर धर्म ने अधर्म ही कहा है धर्म को चिंगारियों से जलते विचार मत दो धर्म से चेतना के द्वीप

Eid Mubarak Poem – ईद मुबारक – Festival Poem in Hindi

Eid Mubarak Poem – Festival Poem in Hindi Eid Mubarak Poem ईद मुबारक उन बन्धु को, हमें भी जो बन्धु माने, राष्ट्र-प्रेम से ओतप्रोत जो, गद्दारों संग नहीं खड़े. ईद मुबारक उन बहनां को, जो नित्य राखी बांध रही, मोह छोड़ पत्थरवाजों से, रक्षक भाई के साथ खड़ी. ईद मुबारक उन अम्मीजान को, जिनकी नहीं

Festival Poem in Hindi – Poem on Deepawali in Hindi

Festival Poem in Hindi – Poem on Deepawali in Hindi Festival Poem जला डाला उसको! हाँ, उसीको, जिसकी बहन सुर्पनखा, लक्ष्मण को रिझा न सकी, नाक कटवाकर लौटी थी, ललकारी थी भाई के मर्दानगी को, और फिर …………… और फिर, नारी का अपमान का बदला, नारी को अपमानित कर लेने, पहुँच गया था जो सीता के

Poem Diwali – दीवाली – Poem on Deepawali in Hindi

Poem Diwali – Poem on Deepawali in Hindi Poem Diwali मुबारक हो सभी जन को, यह ज्योति पर्व दीवाली, पधारे हैं गणेश लक्ष्मी, मने घर-घर में दिवाली, दुःख-दर्द दूर हों सबका, मुरादें हों सभी पूरी, दीया ऐसे जलाएं हम, मने फिर रोज दीवाली.

Diwali Kavita – आज जगत भर के आँगन – Festival Poem

Diwali Kavita – Poem on Deepawali in Hindi Diwali Kavita आज जगत भर के आँगन में कुछ ऐसे दीप जलाएंगे, बस्ती बस्ती झूम उठेगी, बच्चे भी खुश हो जाएंगे।। आँगन आँगन फूल खिलेंगे, घर घर में उजियाला होगा, अब की बार पटाखों पर नहीं ग़मों पर आग लगाएंगे।। दीप जलाते वक्त ही मन को भी

Diwali Festival – Poem on Diwali Festival in English – Diwali

Diwali Festival – Poem on Diwali Festival in English Diwali Festival After a year’s wait, Diwali, finally arrives, The marvelous lanterns, The sweet delicacies joys. The ever colorful rangoli, The noisy colorful crackers, The beautiful bright lightings, The variant house decorations. The small cute “Diyas”, The sweet  “Shankar palis” The spicy tasty “Chaklis”, The trendy

Deepawali Poem – देख दिवाली ऐसे मनाए – Poem on Diwali

Deepawali Poem in Hindi Deepawali Poem देख दिवाली ऐसे मनाए। ह्रदय में प्यार के दीप जलाएं। जलें दिए, हर घर में खुशी के। न रहे ह्रदय में बैर, किसी के। अज्ञान को, ह्रदय से दूर भगाएं। देख दिवाली ऐसे मनाएं। फिजूलखर्ची की क्या लिखूं कहानी। मिले भूखे को रोटी, प्यासे को पानी। यह भाव हर,