Tag: Hindi Poetry

Hindi Short Poems – सब ख़ैरियत से हैं – Hindi Poem on Zindagi

Hindi Short Poems – Hindi Poem on Zindagi Hindi Short Poems सब ख़ैरियत से हैं दिए ग़म आपके हम भी नही थे किसी से कम आपके परछाईयाँ समेटकर दामन में तीरगी की मेरे पावं चल पड़े थे हम कदम आपके दिल को सुकून होता था सोच कर जिसे उसे देखकर चेहरे पे चढ़ा मातम आपके दिया

Short Hindi Poems – कविता की पहचान – Hindi Kavita

Short Hindi Poems – Hindi Kavita Short Hindi Poems धूमिल ने कहा था कविता भाषा मे आदमी होने की तमीज़ है शायद यह भी सच है कि कविता मन की एक तान है लेकिन आजकल कविता हर किसी की ज़ेब मे पड़ा अवसरों का आख्यान है पर कविता न तो पकवान है ना सामान है

Life Without You – ज़िंदगी उसके बिना – Hindi Poem on Zindagi

Life Without You – Hindi Poem on Zindagi Life Without You दर्द बढ़ता ही गया, शौक की इंतेहाँ न हुई गुलों का साथ था मगर, खुश्बू मेहरबाँ न हुई आँधियों की साज़िश मे, मौसम उलझ गया गुलशन उजड़ने की कभी, ऐसी दास्ताँ न हुई ख्वाब सब बिखर गये, खामोशियों के ख़ौफ़ से ज़िंदगी उसके बिना, इतना

Waiting Poem- प्रतीक्षा – Poem About Hope and Faith

Waiting Poem – Poem About Hope and Faith Waiting Poem आना ज़रूर उसी मोड़ पर अपने किंतु परंतु को पीछे छोड़कर सच है कि प्रतीक्षा की परछाईयाँ लंबी होने लगी हँ लेकिन तुम्हारा आना होगा उतना ही सच जैसे निकलता है सूरज तिमिर की दीवार तोड़कर हमारे मिलन को साक्षी होने को खड़ी उत्सुक दिशाएं मिल

Life Poems – ये चिराग कौन से हैं? – Short Poem About Life

Life Poems – Short Poem About Life Life Poems ये चिराग कौन से हैं, जल रहे कहाँ हैं परछाईयों की गिरफ़्त में रोशनी जहाँ है बेचारगी सिमट कर छिप रही अंधेरों में उजालों की इनायतें महलों पे मेहरबाँ हैं ला रहा हर तरफ उजालों का ख़ौफ़ कौन बस्तियाँ जलाकर बना सबका रहनुमा है सरताज रोशनी के

Zindagi Poems : ज़िंदगी – शायद – Hindi Poem on Zindagi

Zindagi Poems – Hindi Poem on Zindagi Zindagi Poems अपनी अपनी बातें हैं सबकी अपनी घाते हैं धुआँ जहाँ भी दिखता है अपने ही आग लगाते हैं प्रेम समर्पण दुनियादारी सब सुविधा की बातें हैं खुशफ़हमी की दुनियाँ में बे मौसम बरसातें हैं  

Hope Poems – काश – Short Love Poem in Hindi

Hope Poems – Short Love Poem in Hindi Hope Poems तेरा गम तुमसे भी पहले, मेरे जीवन मे शामिल हो मेरी खुशियों का हक़ तुमको,  मुझसे भी पहले हासिल हो जीवन की कश्ती के दोनों, मिल कर संग पतवार बनें मॅंझधार ज़माने की फ़ितरत, अपनी किस्मत में साहिल हो

Sad Poems : कैसे कोयल के गीत लिखूं – Poem About Life in Hindi

Sad Poems – Poem About Life in Hindi Sad Poems कैसे कोयल के गीत लिखूं भौरों की कैसे प्रीत लिखूं चिंतित ठहरा है वर्तमान कैसे भविष्य कल्पनातीत लिखूं सूरज की लालिमा खूनी है झरनों का कैसे संगीत लिखूं रातें लगती जब खौफनाक चाँदनी को कैसे शीत लिखूं दो पल भी साथ लगे भारी कैसे तुम्हें मन

Inspirational Poem – क़िस्सों मे मशहूर हो गये – Poem on Life in Hindi

Inspirational Poem – Poem on Life in Hindi Inspirational Poem क़िस्सों से बचते बचते हम, क़िस्सों मे मशहूर हो गये कल तक कितने पास लगे थे, अब हम कितने दूर हो गये साथ साथ मीलों चलकर भी, कदम सफ़र मे थके नही जुदा राह की सोचों से ही, सपने थक कर चूर हो गये कभी एक

Zindagi Poem in Hindi – निन्यान्बे के फेर में – Hindi Poem on Life

Zindagi Poem in Hindi – Hindi Poem on Life Zindagi Poem निन्यान्बे के फेर में ता उम्र तीन पाँच करते रहे छत्तीस के संबंधों को तिरसठ में बदलते रहे और जब तक ये पता चला कि जीवन में दो और दो अक्सर पाँच नहीं होते तब तक ज़िंदगी नौ दो ग्यारह हो गयी

Believe Poem – मैं नास्तिक नही हूँ – Hindi Poem

Believe Poem – Hindi Poem Believe Poem हे परम् पिता तुम्हारे असीमित साम्राज्य का विस्तार तुम्हारी महिमा की प्रवंचना और भय के विधान का गठजोड़ है उसकी दरबारी प्रवृत्तियों में अभय दान के आश्वासन और स्तुतियों के मोड़ हैं तुम्हारी प्रार्थना की पुस्तकों में हमारा निरीह सुख और हमारी प्रार्थना तुम्हारी कृपा के आचरण पर टिका

Life Journey Poem – ज़िन्दगी यूँ ही – Poem About Life Lessons

Life Journey Poem – Poem About Life Lessons Life Journey Poem दिल उजड़ने लगे, गाँव बसने लगे हैं दलदली चाहतों में पाँव धँसने लगे हैं साथ धोखे चले आस्तीन में साँप से वो सफ़र के इरादों को डसने लगे हैं सपने उठा कर बग़ावत का परचम सियासत की चालों में फँसने लगे हैं उम्र देकर शराफ़त

Wish Poem – ख्वाहिशें बहुत हैं – Poem on Hope and Wish

Wish Poem – Poem on Hope and Wish Wish Poem नादान दिल धड़कने की ख्वाहिशें बहुत हैं मोहब्बत के सफ़र में आज़माइशें बहुत हैं अपना उसे बनाने का इक रोज़ वक़्त आएगा उम्मीद के दामन में अभी गुंज़ाइशें बहुत हैं हर दौर में ख़ुदा सा कोई चढ़ता सलीब पर सियासत में साज़िशों की पैदाइशें बहुत

Complicated Love Poem – सलीब पर प्रेम – Complicated Love

Complicated Love Poem – Poem About Complicated Love Complicated Love Poem प्रेम का उद्घोष अक्सर, जब भी देता है अपनी अनुभूतियों को शब्द पगड़ियों की शान और प्रतिष्ठा की सनक, तिलमिलाकर, उठा लेते हैं मर्यादा के ध्वजों को और बनाकर प्रेम को सवालों का सलीब चरित्र को सूली पर चढ़ा देते हैं फिर डालकर नेपथ्य

Short Poem on Love – कही अनकही – Poem on Anger in Hindi

Short Poem on Love – Poem on Anger in Hindi Short Poem दीवानगी के दावे यहाँ सब, सने हैं खोट से सिसकते हैं दिल भी मोहब्बत की चोट से ग़लती से मुखौटों को चेहरा न समझ लेना नज़रें शिकार करतीं शराफ़त की ओट से माना कि निज़ाम ने हर बार दिए धोखे तुम भी ज़वाब देना

Question Poem – क्या मै गुनहगार हूँ? – Guilty Poem

Question Poem – Guilty Poem Question Poem क्या मै गुनहगार हूँ ? प्रेम की परिभाषा मै ना जानू और मै निःशब्द रह जाउँ तो क्या मै गुनहगार हूँ ? नैन हमारे निर्झर हो जाये, मै हो जाउँ वावरा तो क्या मै गुनहगार हूँ? हर दिन हर पल इंतजार करू,  एक झलक पाने के खातिर तो क्या

New Year Poetry – अलविदा के सफ़र में – Poem on New Year in Hindi

New Year Poetry – Poem on New Year in Hindi New Year Poetry अलविदा के सफ़र में फिर एक साल है मायूसियाँ सर पर लिए फिरता मलाल है जा रहा दे कर हमें सौगात में तन्हाईयाँ ख्वाहिशें बाहों में पडीं, ख्वाब में विसाल है लबरेज़ मुखौटों में ख़ुशी फैली है हर तरफ शोर में सिसकियों का

Girl Love Poem – उस लड़की के नाम – Poem About a Girl You Love

Girl Love Poem – Poem About a Girl You Love Girl Love Poem अपरिचय के आकर्षण में सिमटी वह पहली मुलाक़ात जब संवादशून्यता का सेतु निःशब्द टूटा था औपचारिकता का बोध कॉफ़ी के प्यालों से मीलों पीछे छूटा था उसके आँखों की निर्मलता और हृदय की पारदर्शिता उसके आत्मविश्वास से सधी थी वह लड़की व्यवहार के

Poem Old Age – आखिरी पड़ाव – Poem About Growing Old

Poem Old Age – Poem About Growing Old Poem Old Age समय की शिला ने चेहरे पर झुर्रियों की छाप छोड़ दी है वक़्त के बहाव ने कमर भी कुछ तोड़ दी है व्यतीत के संस्मरण ही उनकी तन्हाइयों के साथ हैं सहारे को, काँपते हुए, बस अपने ही हाथ हैं मंझधार के खतरों से

Comparison Poetry – न्याय : अन्याय – Poem on Justice-Injustice

Comparison Poetry – Poem on Justice-Injustice Comparison Poetry हे देवीतुम्हारे तराजू का सन्तुलनलड़खड़ाने लगा हैलोकतन्त्र की आस्था का शक्तिशाली स्तम्भडगमगाने लगा हैकानून की अन्धी परम्परा सेनिर्णय, कानाफूसी करने लगा हैन्याय स्वयं, अपने निर्णयों से डरने लगा हैसत्य अब परेशान ही नहीपराजित भी हो रहा हैसत्यमेव जयते का अभिमानअपना विश्वास खो रहा हैअवमुक्त होना ही होगा, तुम्हारे