Tag: Mother Poetry

Mother Love Poem – माँ की बातें – Poem on Mother in Hindi

Mother Love Poem – Poem on Mother in Hindi Mother Love Poem बातों में जीती है माँ पर अपनी बातें कब कहती है, अवसर निकल जाए हाथों से अपनी बातें तब कहती है, इसकी बातें, उसकी बातें, बातों का भंडार है माँ, माँ बोले उस बुत से केवल जिसको अपना रब कहती है, बातों बातों

Poem Mother – रहस्यमयी माँ – Poem on Mother in Hindi

Poem Mother – Poem on Mother Love Poem Mother नदी किनारे देख भीड़, कदम ठहर गये, न जाने कितनी आशंकाएं, मन में उपज गयी, कौतूहलवस समीप पहुँचा, भीड़ में शामिल हर लोग, दुत्कार रहे थे, एक माँ को, जो बेरहमी से पिटे जा रही थी, अपनी हीं संतान को, माँ की ममता पर, अनगिनत सवाल

Maa Poem – जब से दुनियाँ छोड़ गयी माँ – Sad Poem in Hindi

Maa Poem in Hindi – Sad Poem in Hindi Maa Poem जब से दुनियाँ छोड़ गयी माँ, व्यर्थ बना अब जीवन है, किसको व्यथा सुनाऊँ अपनी, हर रिस्ता अब फीकी है| सूध नहीं कोई लेनेवाला, इस अनाथ का अब जग में, ममता का सागर जब सूखा, हरियाली कहाँ, फिर चित्तवन में! रहा नहीं अब कोई

My Mother Poem – शिकायत – Poem on Mother in Hindi – 2

My Mother Poem – Poem on Mother in Hindi My Mother Poem माँ बहुत बात करनी है तुमसे, बहुत कुछ भरा है इस मन में सब कुछ उड़ेल देना चाहती हूँ सबकुछ तुम्हे बता देना चाहती हूँ, क्यों नहीं सुनती अब बस थोड़ी देर, के लिये ही सही आ जाओ नहीं रोकूगी, वादा रहा तुमसे

Glory Poem – दर्द हमें जब होता है – Poem on Mothers Day

Glory Poem – Poem on Mother in Hindi Glory Poem दर्द हमें जब होता है, मुख से माँ निकलता है, बच्चों के दुःख से, माँ का दिल तड़पता है। माँ एक महाशक्ति है, और माँ ईश्वर की भक्ति है, अपने बच्चों की खातिर, माँ कुछ भी कर सकती है। माँ बिना यूँ लगता है, जीवन

Mother – A Poem on Mother – माँ – A poem About Mother

A poem About Mother Mother – a poem in hindi जग की मैया तू सबकी खेवैया पड़ूं मैं पैंया पालनहार तू ही तारणहार हो बेरा पार विश्व विख्यात न करती आघात तू मेरी मात मैं हूँ बंजारा तू ही एक सहारा दे मां किनारा मां तुम भोली मां तू हो शेरावाली मैं हूं सवाली प्रचंड

माँ – Poem on Mother in Hindi – Poem on Mother Love

माँ – Poem on Mother in Hindi माँ किसी की भी नजरों में मां का, प्यार नजर नहींआता है, मां की लोरी सुनने वालो मां का, दर्द ए हाल नजर नहींआता है, अपने आंसु बचा कर रखना गमों का, तूफान कहकर नहीं आता है, इतने कठोर मत बनो गुजरा लम्हा, लौट कर नहीं आता है,

Poem Mothers Day in Hindi – मां – Meri Maa Poem in Hindi

Poem Mothers Day – Meri Maa Poem in Hindi Poem Mothers Day तू जननी है, प्रेम सुधा बरसाने वाली, नवजीवन को गढ़ने वाली, अमृतपान कराने वाली। प्रकृति में तू,जीवन में तू,सृष्टि का इतिहास भी तू। हर कदम का अहसास भी तू। तन मन का अभिमान भी तू। नैनो की नीर भी तू, हर्ष भी तू,