Tag: Painful Poetry

Affliction Poem – वेदना – Poem on Suffering And Pain

Affliction Poem – Poem on Suffering And Pain Affliction Poem है असीम वेदना! नहीं कोई संवेदना, अपनों के दिए रोग हैं, किसी जनम के भोग हैं, इस दर्द की दवा कहाँ? जो फैल रहा कर्क(केंसर) सा, पड़े है मँझधार में, निगाह है तलाश में, अन्त किसने है रचा? मिली कहाँ से है सजा? धार बड़ी तेज

Sad Poem – वेदना – Poem on Pain in Hindi

Sad Poem – Poem on Suffering And Pain Sad Poem जीवन, वेदना की एक लम्बी कड़ी, नित्य जुडती एक नई लड़ी, ठीक से होश संभाला भी नहीं, तुतली आवाज अभी, सुधर पायी भी नहीं, कदम अभी भी, लड़खड़ा हीं रहे थे, माँ-बाप के सपने सजने लगे, अच्छी तालीम देने की, सुनहले भविष्य संजोने की, औकात आड़े

Wake Up Poem – नींद से जागो – Poem on Future

Wake Up Poem – Vision Poem for The Future Wake Up Poem तोड़ अपना नींद अब तुम, दुर्दशा भारत की देख, शांति कैसे हो रही गुम, जा रहा कहाँ अपना देश। देख कैसे घूम रहें हैं, भेड़िये सरेआम यूँ, नींद से जागे नहीं तो, राह चलना है कठिन। तोड़ अपना नींद अब तुम, एक कदम आगे तो

Pain Poem – मत करो बदनाम – Poem on Suffering And Pain

Pain Poem – Poem on Suffering And Pain Pain Poem मत करो बदनाम बिहार को, अनुरोध आज मैं करता हूँ है खूबसूरत प्रदेश हमारा, संग तेरे मैं चलता हूँ । किया खात्मा नशा बिहार से, आप भी कर दीजिए मिटा नशा भारत से बिलकुल, स्वमान बढ़ा अब लीजिए। माना थोड़ा पिछड़ गए हम, आप मदद

Suicide Poem – यमलोक से खत लिखा – Suicidal Feelings

Suicide Poem – Poem about suicidal feeling Suicide Poem यमलोक से खत लिखा, हूँ बहुत मैं चाव से. ख़ुदकुशी की राह पकड़ी, मैं अपनों के घाव से। सुनो देश और दुनिया वालो! बात एक बतलाती हूँ, भारत की बेटी बन नहीँ पाई, इसलिए कवित्त एक बन जाती हूँ। थी बहुत मजबूर इतना, अपने दाव और