Tag: Women Poetry

Hindi Kavita on Nari – कविता में स्त्री – 1 – Hindi Poem on Women

Hindi Kavita on Nari – Hindi Poem on Women Hindi Kavita on Nari उसकी लहराती ज़ुल्फ़ों से कविता में बहारें आती हैं या फिर, उमड़ घुमड़ कर फिजाँ में घटायें छाती हैं उसकी मुस्कान से कविता में उम्मीद के बादल उमड़ते हैं उसकी तिरछी चितवन भी कविता में बिजलियाँ गिराती है तुम्हारी कविता के प्रवाह

Hindi Kavita on Nari – मुझे नहीँ चाहिए – Hindi Poem on Women

Hindi Kavita on Nari – Hindi Poem on Women Hindi Kavita on Nari मुझे नहीं चाहिए तुम्हारे वायदों का सागर जिसमें तैरती हैं सुनहरी मछलियाँ और मै डूब जाती हूँ मुझे नहीं चाहिए अवसर रोटी के लिए चूल्हे में जलने का शाम की प्रतीक्षा और पेट की तरह पलने का मुझे चाहिए आत्म निर्णय का

Poem on Women Empowerment – स्त्री – Poem on Women in Hindi

Poem on Women Empowerment – Poem on Women in Hindi Poem on Women Empowerment तुम्हारे नाम दर्ज़ हैं कितने व्रत, कितने उपवास हर बार कर लेती हो यातनाओं में प्रेम की तलाश स्त्री तुम ज़िन्दगी में अनुभूतियों की व्यथा हो स्त्री तुम संवेदनाओं की जीती जागती संस्था हो क्यों नही होता, कुछ भी तुम्हारा, कभी

Women Poem – कविता में स्त्री – Poem of Beauty of a Woman

Women Poem – Poem of Beauty of a Woman Women Poem कवि नज़र में केले के पेड़ युग्म शीर्षासन करते हैं तब जाकर स्त्री की टांगों का रूप धरते हैं वक्ष के उभार में तुम्हारी कविता इतनी खो गई स्त्री ह्रदय को देखने से पहले ही बे सुध हो गई कविता सदा तत्पर रही भरने

BHU Case – BHU प्रकरण के संदर्भ में – Short Poem on Bravery

BHU Case – Short Poem on Bravery BHU Case अबला नहीं तुम जान लो, फरियाद करना छोड़ दो, हक़ अगर कोई छिने तो, हाथ उसका तोड़ दो, जीतना है रण अगर तो, कूद जा मैदान में, खींच ले तलवार अपनी, जो पड़ी म्यान में, आँसुओं से भींग न अब, रक्त की गंगा बहा, देख टिकता

Haiku Poem – विरही नार – Poem on Women in Hindi

Haiku Poem – Poem on Women in Hindi Haiku Poem विरही नार, पिया का इंतजार, करे श्रृंगार। प्यासी आँख, काजल कर शांत, निहोरे राह। अँधेरी रात, चमकती बिंदिया, पिया की याद। झूमे झुमका, लाता हवा का झोंका, पिया सन्देश। बिखरे बाल, नथुनिया कमाल, गुलाबी गाल। माँग का टीका, पाँवों में पैजनियाँ, गले में हार। आ जा

International Womens Day – एक ब्रह्ममंड तुम – Hindi Poetry

International Womens Day – Hindi Poetry International Womens Day पूरा समंदर हवाएं और भवंडर ये सब तुम्हारे पर्याय हैं, चाँद और चाँदनी सूरज की रोशनी ये सब तुम्हारे साए हैं। फूल और खुशबू रंग और जादू ये सब तुम्हारे ज़ेवर हैं, शीतल पानी पर्वतों की वाणी ये सब तुम्हारे तेवर हैं। ज़मीन ओ आसमां महफूज़

Women Poem – बड़ा फर्क था उसमें और मुझमे – Poem on Women

Women Poem – Poem on Women in Hindi Women Poem बड़ा फर्क था उसमें और मुझमे, वो पुरुष था, पौरुष से परिपूर्ण, गंभीर, शांत, स्थिर, सौम्य, भरा सा, और मैं औरत, पत्नी,ब हू, माँ, रिश्तों के फंदे में गूँथी, अस्थिर, गहरी, अशांत, विचलित चित्त, पल में रोना, दूसरे पल हँस देना। जिम्मेदारियों और कर्तव्यपरायणता से,

Women Empowerment Poem – हर बार इसी तरह – Women Poem

Women Empowerment Poem – Poem on Women in Hindi Women Empowerment Poem हर बार इसी तरह, कभी जानबूझ कर, कभी अनजाने में, दे जाता था कोई न कोई विषय, पागल बन सोचने के लिये। हर रोज बात करना, चर्चा करना राजनीति से लेकर, मनुष्य हृदय, सिनेमा, कोई कहानी, लेखक हो या महानगरों के दमघोटू रोजमर्रा

Fear Poem – उठ बैठती हूँ रोज – Poem on Women in Hindi

Fear Poem – Poem on Women in Hindi Fear Poem उठ बैठती हूँ रोज मध्य रात्रि, उतार फेकती हूं तमाम मुखोटे, बीन लाती हूँ उस अतीत के सघन काले स्याह जंगल से, बीते समय की छाती चीर, यादों की वो लकड़ियां, त्याग रंगीन लिबास, ओढ़ लेती हूं, उस गुजरे लम्हे की दागदार वो काली चादर।

Weaver Poem – यू तो बुनकर है – Poem on Emotions

Weaver Poem – Poem on Emotions Weaver Poem यू तो बुनकर है वो गजब का, रफूगर भी कुछ कम नही, न जाने कहाँ से ले आता है, वो डोरा सपनो का टांक देता है इंद्रधनुषी पैबंद, चीथड़ों पर कुछ इस तरह, कि हों पर सुरखाब के। सृष्टि के “प्रथम” पुरुष सा, नाप लेता है बड़ी

Within Every Woman – हर स्त्री के भीतर – Women Poem

Within Every Woman – Poem on Women in Hindi Within Every Woman हर स्त्री के भीतर, उग आती है, कभी न कभी घास, हरापन लिये, बिना किसी के रोपे, उगाए, होती है, उसकी जड़ें छोटी, कोमल, मुलायम, पतली सी, लेकिन होती है पकड़ उनकी मिट्टी से बहुत मजबूत, उनकी ये जकड़ ही बनाए रहती है

Women Empowerment Poems – प्रथम स्त्री – Women Poem

Women Empowerment Poems – Poem on Women in Hindi Women Empowerment Poems सृष्टि के प्रारम्भ में आया था जब, वह, प्रथम पुरुष, स्वायंभुव मनु, तब ही तो प्रकट हुई थी “शतरूपा”, प्रथम स्त्री, सिर्फ और सिर्फ, उसके लिये। उस प्रथम पुरुष के, जीवन को बनाने पूर्ण। साथ मिल सृजन की, नव सृष्टि सारी, किया जीवन

Inspirational Poem Woman – हॉ, मैं औरत हूँ – Woman Poem

Inspirational Poem Woman – Woman Poem Inspirational Poem Woman हॉ, मैं औरत हूँ, अपना वजूद ढ़ूढती युगों युगों से पहचान ढूढती, विचलित सी, खुद को तलाशती फिर रही हूं, मुझे कभी बेटी, बहन, कभी पत्नी तो कभी मॉ का नाम मिला, न मिल सका तो बस मनुष्य होने की पहचान. हर रिश्ता मुझसे आदर्श की

Woman Work Poem – आज समय है – Poem About Time and Love

Woman Work Poem – Poem About Time and Love Woman Work Poem आज समय है, शब्द खो गए, कल तक शब्द थे तो समय न था दिन है पूरा खाली पड़ा , काम खो गया सारा। कल तक काम ही काम था , तो दिन कम पड़ता था। आज भी बजते है कान, उनकी कराहने

Women Empowerment Poem – हाँ देश बदल रहा है – Hindi Poem

Women Empowerment Poem – Hindi Poem Women Empowerment Poem हाँ देश बदल रहा है, थोड़ा थोड़ा परिवेश बदल रहा है। तुमसे या हमसे ही तो नहीं बदल पायेगा। आप,वो बदलोगे तो ही धीरे, धीरे बदल पायेगा न जाने वो दिन कब आएगा, इंसान ही इंसान को बेचना बंद कर पायेगा। बड़ा पढ़ लिख कर आगे

Strong Woman – Poem About a Strong Woman of God

Poem About a Strong Woman of God Strong Woman माना तुम राम हो, मगर मैं वो सीता नहीं…! मर्यादा पुरुषोत्तम हो तुम, मैं ठहरी मर्यादा विहीन। विश्वास राम का बहुत दृढ़ था सीता पर तब भी बेचारी की अग्नि परीक्षा काम न आई। प्यार, भरोसा और विश्वास, महान था उनका तब भी, सब भुला भेज