Tag: Youth Poetry

Youth Poem – नई पीढ़ी – Poem About Youth Today

Youth Poem – Poem About Youth and Age Youth Poem नई पीढ़ी पर, इल्जाम लगते आ रहे, पीढ़ी-दर-पीढ़ी से, कभी कुसंस्कारी का, तो कभी कुलकलंकित का, तिरस्कार तो तब और बढ़ जाता है, जब रचता है वह चक्रव्यूह, अपने हीं माँ-बाप के बिरुद्ध, घर निकासी का, शायद, हम भूल जाते हैं कि, पैदा होता है आज

Youth Today – माँ-बाप ने तुमको – Poem About Youth Today

Youth Today – Youth Poem In Hindi Youth Today माँ-बाप ने तुमको जनम दिया, उन्हें सिसकने मत देना ! भार उठा स्वयं दृदय पर, उन्हें खटकने मत देना !! किये उम्मीद बहुत वे तुमसे, स्वयं घात पर घात सहे ! करो काम कुछ ऐसा अब तुम, जो उनके सारे पात हरे !! सड़क-गली सुनसान जगह,