Time Passing – उम्र उड़ती है पतंगों सी – Poem About Time Passing

Poem About Time Passing – Hindi Poetry

Time Passing

उम्र उड़ती है पतंगों सी, मगर डोरी के बिना,
और ये ज़िस्म है कि बस मरना जानता है।

दिल का क्या है एक खंडर है खयालों से भरा,
एक एहसास है जो तुझमे उतरना जानता है।

हवा खुशबू नहीं देती बस इशारा कर देती है,
ये तो मेरा आईना है जो गुलों को चरना जानता है।

वो भी तो कभी मुँह के बल गिरा होगा ना,
तभी तो वो हर कदम पर ठहरना जानता है।

किताबों की सी एक फ़ितरत मेरे सीने में भी है,
हर एक किस्सा मेरा, आँखों को भरना जानता है।

अब तो मेरे दिल में तेरा खौफ ही नहीं रहा मगर,
शुक्र है कि मेरा दिल झूठ मूठ का डरना जानता है।

तुम्हारे हाथ में तूफान है तो मेरे हाथ में कश्ती,
मेरा यही एक हथियार तुझ में उतरना जानता है।


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