World Student Day – निज कर्म करो – Poem on Students

World Student Day – Poem on Students

World Student Day

राष्ट्रीय छात्र दिवस के अवसर पर

निज कर्म करो तन-मन से,
कभी अहम मत लाना
मेहनत और प्रखर बुद्धि से,
दुनिया में नाम कमाना ।

ओ छात्र-युवा! अपने गुरुओं से,
गुण-ज्ञान सब सीखो
कर आलस्य का त्याग तुम,
अपनी तकदीर खुद लिखो।

मातु-पिता गुरुजन को समझो,
निज मन आतुर मत लाना
सुगम श्रेठ निष्काम कर्म कर,
जग को राह दिखाना ।

मातु-पिता ने तुमको जनम दिया,
उन्हें सिसकने मत देना
उठा घात सिर पर तुम अपने,
उन्हें भटकने मत देना ।

माँ ने है तुमको दूध पिलाया,
कर्ज चूका नहीँ पाओगे
प्यार स्नेह के बंधन से ही,
तुम उनको सुख दे पाओगे ।

जिस बाप ने तुमको बड़ा किया,
एहसान चूका नहीँ पाओगे
प्रयास प्रबल उऋण करो,
तभी सफल बन पाओगे ।

दादा-दादी, नाना-नानी,
सब घात-पर-घात सहे
अब काम कुछ ऐसा करो,
जो उनके सारे पात हरे ।

श्रेष्ठ भारत की ऐ संतान !,
दुर्बल कभी समझना मत,
सभ्य भारत की संस्कृति से,
इतर कभी भटकना मत ।

छात्र-युवाओं के लिए लिखी गई इस कविता को देशभर मेँ उन तक पहुँचाने का कष्ट करें।


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