Zindagi Poem in Hindi – निन्यान्बे के फेर में – Hindi Poem on Life

Zindagi Poem in Hindi – Hindi Poem on Life

Zindagi Poem

निन्यान्बे के फेर में
ता उम्र
तीन पाँच करते रहे
छत्तीस के संबंधों को
तिरसठ में बदलते रहे
और जब तक
ये पता चला कि
जीवन में दो और दो
अक्सर
पाँच नहीं होते
तब तक ज़िंदगी
नौ दो ग्यारह हो गयी