Zindagi Poems : ज़िंदगी – शायद – Hindi Poem on Zindagi

Zindagi Poems – Hindi Poem on Zindagi

Zindagi Poems

अपनी अपनी बातें हैं
सबकी अपनी घाते हैं
धुआँ जहाँ भी दिखता है
अपने ही आग लगाते हैं
प्रेम समर्पण दुनियादारी
सब सुविधा की बातें हैं
खुशफ़हमी की दुनियाँ में
बे मौसम बरसातें हैं


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